अगर भविष्य के बारे में सोचकर परेशान हो तो इस कहानी को सुनो

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एक दंपति के संतान नहीं थी । शादी को सोलह वर्ष हो चुके , लेकिन उन्हें न तो पुत्र हुआ और न ही पुत्री ।
सभी देवी - देवताओं को मनाया , तंत्र - मंत्र सब किया , लेकिन कोई लाभ न हुआ । आखिर एक ज्योतिषी के पाए गए , उन्होंने सुन रखा था कि वह ज्योतिषाचार्य जो कहता है वह जरूर हो जाता है । उसे उन्होंने अपनी जन्म पत्रियाँ दिखाईं। 

ज्योतिषी ने जन्मपत्री देखकर कहा कि संतान का योग तो है और ठीक नौ महीने बाद तुम्हारे संतान होने वाली है ।
उन्होंने ज्योतिषाचार्य को पांच सौ रुपये भेंट किये और खुशी खुशी घर आए कि नौ माह बाद अपने यहाँ बेटा होने वाला है । अब उन्होंने योजनाएं बनानी शुरू कर दी कि बेटा होने वाला है तो क्या क्या करना है । 

सोचने लगे कि सोलह - सत्रह साल बाद बेटा होगा और वे नगर के सर्वाधिक सम्पन्न लोगों में से हैं सो सारे शहर के लोगों को बुलाएँगे , सूची बनाई गई । कुछ सुझाव पत्नी ने भी दिये । उसके लिए कैसे खिलौने लाना है इसकी चर्चा हुई , क्या कपड़े बनवाएँ जाएं इस पर भी बात कर ली । 

लड़का बड़ा होगा तो उसे पढ़ाएंगे लिखाएंगे , अच्छे स्कूल में शिक्षा दिलवाएंगे । लेकिन वह बड़ा होकर क्या बनेगा ? पति ने कहा अपने बेटे को तो डॉक्टर बनाएंगे पत्नी ने कहा अरे छोड़ो आजकल डॉक्टरों को पूछता कौन है , थोड़े दिनों बाद हालत यह हो जाएगी कि डॉक्टर ठेलागाड़ी लेकर चलेंगे और आवाजें लगाएँगे इंजेक्शन लगवा लो इंजेक्शन । 

मैं तो अपने बेटे को एम.बी.ए. कराऊँगी । आजकल उसकी ज्यादा कीमत है । पति ने कहा नहीं , एम.बी.ए. नहीं कराएंगे , डॉक्टर ही बनाएंगे । दोनों में तनातनी हो गई , दोनों ही अपनी बात पर अड़ गए । बात बढ़ती गई और रात भर विवाद चलता रहा । दोनों एक - दूसरे से नाराज़ हो गए । पति ने कहा तू मेरी बात क्यों नहीं मानती । 

पत्नी ने कहा जब बात नहीं मानते तो साथ रहने का मतलब क्या । पत्नी मायके चली गई । बात बढ़ती जा रही थी , मामला तलाक तक जा पहुंचा । दोनों न्यायालय तक पहुंच गए अपनी - अपनी बात पर अड़े हुए । पत्नी ने कहा अब भी मान जाओ , बेटे को एम.बी.ए. बना दो । 

पति ने कहा नहीं , मर जाऊँगा पर बेटे को डॉक्टर ही बनाऊँगा । दोनों ही जिद्दी प्रकृति के । न्यायालय में न्यायाधीश ने वाद - प्रतिवाद सुना और कहा आप दोनों ही भले नज़र आते हो फिर तलाक क्यों ले रहे हो ? कारण बताओ तो मैं कोई समाधान कर दूं । 

पति ने कहा मेरी पत्नी चाहती है कि अपने बेटे को एम.बी.ए कराये और मैं उसे डॉक्टर बनाना चाहता हूं । न्यायाधीश ने कहा इसमें लड़ने - झगड़ने की या तलाक लेने की क्या बात है । इसका समाधान मैं कर
देता हूं । 

तुम्हारा लड़का कहाँ है उसे बुलाओ उसी से पूछ लेते हैं , वह क्या करना चाहता है । पति - पत्नी एक - दूसरे
का मुंह देखने लगे कि लड़का कहाँ है । न्यायाधीश ने पूछा क्या बात है लड़का कहीं बाहर गया है क्या ? 

जवाब मिला बाहर नहीं गया है लड़का तो अभी जन्मपत्री में है । 

व्यर्थ की कल्पनाएँ । याद रखें , जो कल देता है वह कल की व्यवस्थाएँ भी देता है । बच्चे का जन्म बाद में होता है माँ का आंचल दूध से पहले भर जाता है , यह है प्रकृति की व्यवस्था । यह प्राणीमात्र के लिए प्रकृति की व्यवस्था है कि जो चोंच देता है वह चुग्गे की व्यवस्था भी ज़रूर करता है ।

इसलिए कभी भी दुखी मत रहो बस मेहनत करो और आगे के नहीं कल की नहीं आज की सोचो | 

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