अपने जीवन में सुख पाने के लिए इन नियमो का पालन करे

अपने जीवन में सुख कैसे प्राप्त करे


किसी भी इंसान को अपने जीवन में एक चीज की हमेशा जरुरत होती है और वो है सुख और हर व्यक्ति यही कामना करता है की वह अपने जीवन में जितनी ज्यादा खुशिया बटोर सके उतनी बटोर ले वह सुबह से शाम तक जो भी काम करता है वे सभी जीवन में सुख और खुशिया हासिल करने के लिए ही करता है तो आज हम जानेगे की वास्तव में सुख क्या होता है क्या हम वास्तव में सुख का मतलब जानते है या फिर हम जो भी प्रयास कर रहे है वो व्यर्थ ही जा रहे है | 


शांति में सुख है सम्पनता में नहीं

अगर आप यह सोच रहे है की एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास सारि सुविद्याएँ है और बहुत पैसा है वो सुखी है तो आप गलत सोच रहे है और वह व्यक्ति कितना दुखी है वो सिर्फ उसका दिल ही जानता है की उसे कितनी भागमभाग करनी पड़ती है कितनी चिंता उसे हर रोज काटती है वह एक पल भी चेन से नहीं बैठ सकता है एक बात हमेशा याद रखे की सम्पनता जिसका दूसरा नाम पैसा है वो इंसान को सुविधा तो दे सकती है लेकिन सुख नहीं इसलिए अगर आप सच में अपने जीवन में सुख चाहते है तो अपने अंदर की शांति को बढ़ाये ना की अपने धन दौलत को | 


सादगी

यदि आप अपने जीवन में सुख चाहते है और खुशिया बटोरने चाहते है तो हमेशा सादगी बनाये रखे एक व्यक्ति के जीवन में महानता उसके उच्च आचरण से मिलती है न की उसके वसत्र और आभूषण और उसके पहनावे इसलिए आप जितने सादगी से जीवन को जियेंगे आप उतने ही सुखी रहेंगे | 
क्युकी आपका सादगी भरा आचरण देख कर बड़े से बड़े इंसान को आकर्षित कर सकता है क्योकि चीजों को बटोरना और उन्हें अपने पास रखने से जीवन में महानता नहीं मिलेंगे बल्कि उन चीजों को त्यागने से महानता मिलेगी और हा एक सादगी भरा जीवन एक व्यक्ति को उसके युवा अवस्था से लेकर उसके बुढ़ापे तक उसे सुन्दर बनाये रखता है | 


अपने कार्य को ईमानदारी से करे

अपने जीवन में सुखी वही रहता है जो की अपने काम को पूरी ईमानदारी से करता है और जो भी काम कर रहे हो उसको हमेशा सम्मान दे क्योकि अगर आप अपने काम को कभी सम्मान नहीं दोगे तो काम भी आपका कभी सम्मान नहीं करेगा
मान लीजिये आप किसी दुकान पर जाते है और 1kg फल लेकर आते है और घर आकर पता चलता है की फल तो सारे ख़राब है तो ऐसे में किसकी गलती है उस दुकानदार की और उसने थोड़े से सुख के लिए आपको ख़राब फल दिए और उसमे आपका तो नुकसान तो हुआ लेकिन इसमें दुकानदार का ज्यादा नुकसान हुआ क्योकि आप दूसरी बार उसके पास कोई भी सामान खरीदने नहीं जाओगे इसलिए हमेशा अपने काम को सम्पूर्ण ईमानदारी से करे | 


सवभाव 

एक निर्मल सवभाव हमेशा श्रेष्ठ कार्यो को उत्पन करता है और इसका अनुभव ईश्वर को पाने से भी ज्यादा होता है अगर आपका सवभाव निर्मल है तो आप भले ही झोपड़ी में रहते हो उसमे भी सुख प्राप्त कर लोगे लेकिन अगर बुरा और झगड़ालु सवभाव रखा तो महल में रहकर भी उसको नरक बना दोगे इसलिए हमेशा एक शमा का सवभाव रखो और आगे बढ़ते रहो | 

इसके अलावा हमेशा सतुष्ट रहे क्योकि ज्यादा लोभ हमेशा विनास का कारण बनता है | अपने जीवन में हमेशा दुसरो की मदद करे क्योकि दुसरो को कुचल कर चलने वाले हमेशा सेतान के बराबर होते है | 

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