कहानी - संतोष ही सबसे बड़ा धन है

              कहानी संतोष ही सबसे बड़ा धन है


एक राजा था , जो कभी प्रसन नही रहता था । उसके मंत्री और उसके परिवारजन राजा की इस दशा में बहुत चिंतित रहते थे। उन्होंने राजा को प्रसन्न रखने के लिए कई उपाय किये परन्तु राजा कभी प्रसन्न नही रहता था । उन्होंने कई वैध और हकीमों को राजा के इलाज के लिए बुलाया तो वे भी राजा का उपचार करने में असमर्थ रहे। 

राजा ने यह घोषणा की- " जो कोई मेरे इस रोग को सही करेगा , मैं उसे बहुत सारा धन दूंगा। " यह सुनकर कई हकीम और वैदय धन के लालच में राजा के दरबार में इलाज करने के लिए आए , पर कोई भी राजा का उपचार  नहीं कर सका । 

एक दिन अचानक एक वैद दरबार में आया और राजा को बोला - " आप किसी एक प्रसन्न व्यक्ति की कमीज़ एक रात पहनकर सो जाएँ, तो आपके इस रोग का निवारण हो जाएगा । " राजा ने सभी को आदेश दिया की- "राज्य में किसी प्रसन्न व्यक्ति को खोजो और उसकी कमीज मुझे लाकर दो 

सारे सिपाही एक प्रसन्न व्यक्ति की खोज में गए , पर किसी को भी राज्य में कोई प्रसन्न व्यक्ति नहीं मिला। सभी सिपाही राजा के पास खाली हाथ वापस लोट आए । राजा ने अगले दिन दुबारा सभी सिपाहियों को भेजा । कई दिनों तक प्रयत्न करने के बाद सिपाहियों को एक किसान अपने खेत में प्रसन मुद्रा में हल चलाते हुए दिखाई दीया । 

सभी सिपाहियों ने उस व्यक्ति से पूछा की क्या तुम हमेशा खुश रहते हो? " उस व्यक्ति ने उत्तर दीया- " मैं बहुत प्रसन्न हूँ। " तब सिपाहियों ने कहा , " भाई , आप अपनी कमीज हमें देदें। 

" व्यक्ति ने पूछा , " क्यों ? " तब सिपाहियों ने कहा , " अगर आप अपनी कमीज़ दे देंगे, तो आपको बहुत बड़ा इनाम दीया जाएगा । " परतु उस किसान ने कहा , " महोदय , मेरे पास तो कमीज ही नहीं है कृपया आप मुझे क्षमा करें। 

" सभी सिपाह राजा के पास वापस लौट आए और उन्होंने राजा को इस घटना के बारे में बताया तो राजा को यह आश्च्र्य हुआ कि पूरे राज्य में कोई प्रसन नहीं  है। यदि एक व्यक्ति  प्रसन्न है, तो उसके पास अपनी एक कमीज नही है। 

सो - विचारकर राजा अपने राज्य का काम - काज सँभालने लगा है। ऐसा करने में उसे बडी खुशी मिलती है और राजा के इस रोग का उपचार हो जाता है । राजा ने अपनी घोषणा के अनुसार वैदय को बहुत सारा धन दे दिया । इस प्रकार राजा बहुत खुशी के साथ अपना कार्य भार सँभालने लगा | 

इसलिए हमेशा कहा जाता है की संतोष ही सबसे बड़ा धन है अगर आपके पास धैर्य रखने की समता है तो आप बड़े से बड़े काम को मुश्किल से मुश्किल काम को भी आसानी से पूरा कर सकते है इसलिए हमेशा संतोष से काम करे सफलता आपके कदम चूमेगी | 

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